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National Herald Case In Hindi: क्या है नेशनल हेराल्ड केस, जिसने कांग्रेस की नाक में दम कर रखा है ?

National Herald Case In Hindi: नेशनल हेराल्ड केस, आज कल न्यूज़ में हर जगह बस एक ही नाम छाया हुआ है वो है राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी के नाम ED का समन जो की National Herald Case के मामले में है. लेकिन क्या आप लोग जानते है की आखिर ये केस (national herald in Hindi) क्या है और ED इसको लेकर Congress के पीछे क्यों पड़ी है. तो फिर चलिए समझते है की आखिर ये National Herald Case है क्या जिसने Congress की नाक में दम करके रखा है.

National Herald Case In Hindi
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National Herald Case In Hindi

क्या है नेशनल हेराल्ड केस:- National Herald एक न्यूज पेपर हुआ करता था, जिसे 20 नवम्बर 1937 में पंडित जवाहर लाल नेहरू ने शुरू किया था. इस न्यूज पेपर को चलाने का जिम्मा ‘एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड’ (AJL) नाम की कंपनी के पास था. शुरुआत से इस कंपनी में कांग्रेस और गांधी परिवार के लोग हावी रहे. करीब 70 साल बाद 2008 में घाटे की वजह से इस न्यूज पेपर को बंद करना पड़ा.

National Herald Case में घोटाला क्या है??

National Herald Case Kya Hai In Hindi: तब कांग्रेस ने AJL को पार्टी फंड से बिना ब्याज का 90 करोड़ रुपए का लोन दिया. और फिर बाद में जब इस 90 करोड़ को लोन को चुकाने की बारी आई तब तक AJL या कहे तो National Herald लगभग बंद होने की कगार पर था. इसी का फायदा उठाकर कांग्रेस ने 26 फरवरी 2011 को इसकी 90 करोड़ रुपये की देनदारियों को अपने जिम्मे ले लिया था. इसके बाद 5 लाख रुपये में सोनिया और राहुल गांधी ने ‘यंग इंडियन’ नाम से नई कंपनी बनाई, जिसमें सोनिया और राहुल की 38-38 फीसदी हिस्सेदारी है. बाकी की 24 फीसदी हिस्सेदारी कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीज के पास थी.

क्या है नेशनल हेराल्ड केस, क्यों आरोपी बने हैं सोनिया-राहुल?

इस नयी कम्पनी यंग इंडियन को एसोसिएटेड जर्नल्स को दिए लोन के बदले में कंपनी की 99 फीसदी हिस्सेदारी खरीद ली. इसके बाद AJL के 10-10 रुपये के नौ करोड़ शेयर ‘यंग इंडियन ‘ को दे दिए गए और इसके बदले यंग इंडियन को कांग्रेस का लोन चुकाना था. 9 करोड़ शेयर के साथ यंग इंडियन को इस कंपनी के 99 फीसदी शेयर हासिल हो गए. इसके बाद कांग्रेस पार्टी ने 90 करोड़ का लोन भी माफ कर दिया. यानी ‘यंग इंडियन’ को मुफ्त में AJL का स्वामित्व मिल गया. 

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नेशनल हेराल्ड केस (National Herald Case) में ED (Enforcement Directorate) यानी प्रवर्तन निदेशालय ने राहुल गांधी और सोनिया गांधी को इसी धोके धडी के चार्स में समन भेजा है. इससे पहले नेशनल हेराल्ड केस सबसे पहले 2012 में चर्चा में आया था जब भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने इसको लेकर निचली अदालत में एक शिकायत दर्ज कराई थी.

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दरअसल बीजेपी नेता और वरिष्ठ वकील सुब्रमण्यम स्वामी ने 2012 में ट्रायल कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि कुछ कांग्रेसी नेताओं ने गलत तरीके से यंग इंडियन लिमिटेड (वाईआईएल) के जरिए एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड का अधिग्रहण किया है. उन्होंने आरोप लगाया था कि यह सब कुछ दिल्ली में बहादुर शाह जफर मार्ग पर स्थित हेराल्ड हाउस की 2000 करोड़ रुपये की बिल्डिंग पर कब्जा करने के लिए किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि साजिश के तहत यंग इंडियन लिमिटेड को टीजेएल की संपत्ति का अधिकार दिया गया है. ( National Herald Case In Hindi )

नेशनल हेराल्ड केस लेटेस्ट न्यूज़

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने न्यूज़ पेपर ‘नेशनल हेराल्ड’ (National Herald) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के एक मामले में पूछताछ के लिए कांग्रेस (Congress) अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) और पार्टी नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को जून के शुरुआती हफ्ते में पेश होने के लिए समन जारी किया था. अभी भी इसी सिलसिले में लगातार पूछताछ जारी है और माना जा रहा है की अगर गाँधी परिवार दोषी पाया जाता है तो उनको जेल भी हो सकती है.

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उम्मीद है की आप लोगो को national herald case full story in hindi समझ में आ गयी होगी यदि अब भी आपका कोई सवाल जवाब है तो आप हमें निचे कमेंट बॉक्स में लिखकर बता सकते है. आपके सवालों और विचारो का हमे बड़ी बेशब्री से इंतजार रहेगा.

National Herald Case In Hindi को लेकर अक्षर पूछे जाने वाले कुछ सवालों का जवाब हमने निचे दिए है?

Q: नेशनल हेराल्ड के संस्थापक कौन थे ?

National Herald एक न्यूज पेपर हुआ करता था, जिसे 20 नवम्बर 1937 में पंडित जवाहर लाल नेहरू ने शुरू किया था.

Q: National Herald केस में कौन कौन आरोपी है ?

इस मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नाडिस के अलावा सुमन दूबे और सैम पित्रोदा भी आरोपी है. इन आरोपियों में से मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नाडिस की साल 2020 और 2021 में मौत हो चुकी है.

Q: नेशनल हेराल्ड केस का खुलासा कब खुला ?

साल 2014 में प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले की मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की. 18 सितंबर 2015 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नेशनल हेराल्ड केस को जांच के लिए फिर से खोल दिया.

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