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D2M Technology Hindi में समझिये, जिससे बिना Internet Mobile पर दिखेंगे Video?

आज के इस लेख में हम D2M Technology Hindi में जानेंगे कि D2M Technology क्या है, इसका कैसे उपयोग किया जाएगा, इस तकनीक के क्या फायदे होंगे? आज तक हम सभी ने जब भी अपने मोबाइल में विडियो देखनी चाही है तो उसके लिए इन्टरनेट की जरूरत पड़ती है. लेकिन कैसा हो अगर आपको online विडियो देखने के लिए इन्टरनेट की जरूरत ही ना पड़े तो.

भारत सरकार आपके इसी सपनेको पूरा करने जा रही है जिसके बाद online विडियो देखने के लिए हमें किसी भी तरह के इन्टरनेट की ज़रूरत नहीं पड़ेगी. इसी टेक्नोलॉजी को भारत सरकर ने D2M यानि की Direct To Mobile Service नाम दिया है.

D2M Technology Hindi
D2M Technology kya hai hindi me जानिए

D2M Technology Kya Hai Hindi में समझिये

D2M Technology Hindi Me:-आप सभी ने इससे पहले FM Radio और D2H (Direct To Home Services) के बारे में जरूर सुना और पढ़ा होगा. आप ये भी जानते होंगे की ये दोनों ही services इन्टरनेट का इस्तेमाल नहीं करती लेकिन फिर भी हम तक ऑडियो और विडियो पहुंचाते है. भारत सरकार इसी प्रकार की एक नई तकनीकी पर काम कर रही है, जिसका नाम है D2M (Direct To Mobile Services).

D2M Technology क्या है Hindi में:- D2M को ऐसे समझे कि मान लीजिये की बिना इंटरनेट के आपके मोबाइल में एक फिल्म भेज दी जाए और FM रेडियो की तरह बिना नेट के चलने लगे। DoT (Department of Telecommunications) हाल ही में इस तकनीकी पर काम कर रहा है कि आपके मोबाइल में सीधा प्रसारण (Direct Broadcasting) कर दिया जाए। जैसे आपको अपनी मोबाइल में FM चलाने के लिए किसी भी प्रकार के नेट की आवश्यकता नही होती वह डायरेक्ट रेडिएशन से कनेक्ट हो जाता है.

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D2M Technology के क्या फायदे है?

अगर D2M (Direct To Mobile Services) कामयाब हो जाती है तो आप बिना इन्टरनेट के सारे टीवी चैनल्स और OTT Platforms जैसे की अमेजन, नेटफ्लिक्स, हॉट स्टार, सोनी टीवी, स्टार प्लस आदि ये सब बिना इंटरनेट के चला पाएंगे.

इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह होगा की नागरिकों से जुड़ी किसी ख़ास जानकारी को सीधे उनके मोबाइल में प्रसारित किया जा सकेगा, जिससे फेक न्यूज रोकने, इमरजेंसी अलर्ट जारी करने और आपदा प्रबंधन में सहायता करने में मदद मिलेगी.

D2M Technology कैसे काम करती है ?

जैसा की हम जान चुके है की D2M Technology इन्टरनेट पर काम नहीं करती. बल्कि यह FM और D2H की तरह सेटेलाइट से अपने एरिया को कवर करेगी और लोगो के मोबाइल में कंटेंट को सीधे सीधे पहुंचा पायेगी. ISRO इसके उपर पहले से ही कार्यरत है. सेटेलाइट से चाहे वह इलाका कैसा भी हो कवर किया जा सकता है.

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लेकिन इंटरनेट की सुविधा वही मिल सकती है जहाँ सम्बंधित कंपनी के टॉवर गड़े हो। इसलिए D2M तकनीकी की मदद से ब्रॉडकास्टर अपने कंटेंट को ज्यादा से ज्यादा लोगो तक पहुंचा पाएंगे, क्योंकि इस सुविधा का उपयोग वो लोग भी कर सकेंगे जिनके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है।

D2M Technology Hindi में पूछे जाने वाले कुछ सवाल जवाब निचे दिए गये है जो आपके लिए इसको समझने में मदद करेंगे. ऐसी ही और मजेदार जानकारी आपको यहाँ पर मिलेगी.

Q:- What is D2M Technology In Hindi ?

Ans:- D2M Technology इन्टरनेट पर काम नहीं करती. बल्कि यह FM और D2H की तरह सेटेलाइट से अपने एरिया को कवर करेगी और लोगो के मोबाइल में कंटेंट को सीधे सीधे पहुंचा पायेगी. ISRO इसके उपर पहले से ही कार्यरत है. सेटेलाइट से चाहे वह इलाका कैसा भी हो कवर किया जा सकता है.

Q:- D2M Technology Full Form क्या है ?

Ans:- D2M Technology Full Form: D2M Full Form, Direct To Mobile है. सीधे शब्दों में कहें तो इस तकनीक के आने के बाद बिना किसी केबल, इंटरनेट वीडियो, फिल्म, न्यूज़, OTT प्लेटफार्म और सोशल मिडिया भी चला सकेंगे.

Q:- What is D2M Technology कौन ला रहा है?

Ans:- डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलिकम्युनिकशन (Department Of Telecommunication) और भारत का पब्लिक सर्विस ब्रॉडकास्टर जिसे प्रसार भारती कहते हैं, दोनों मिलकर D2M Technology पर काम कर रहे हैं. इसके लिए DOT ने IIT-Kanpur के साथ इस तकनीक को विकसित करने के लिए पाटनर्शिप की है.

क्या है डायरेक्ट-टू-मोबाइल ब्रॉडकास्ट?

डायरेक्ट-टू-मोबाइल ब्रॉडकास्ट यानी D2M का मतलब है वीडियो और अन्य मल्टीमीडिया कंटेंट को सीधे आपके मोबाइल पर ब्रॉडकास्ट या प्रसारित करना।

D2M Technology के क्या फायदे है?

इस टेक्नोलॉजी से बिना इंटरनेट कनेक्शन सीधे मोबाइल फोन पर लाइव न्यूज, स्पोर्ट्स और OTT कंटेंट का प्रसारण किया जा सकेगा. इससे नागरिकों से जुड़ी किसी खास जानकारी को सीधे उनके मोबाइल में प्रसारित किया जा सकेगा, जिससे फेक न्यूज रोकने, इमरजेंसी अलर्ट जारी करने और आपदा प्रबंधन में सहायता करने में मदद मिलेगी।

D2M टेक्नोलॉजी के सामने कौन सी चुनौतियां हैं?

D2M टेक्नोलॉजी को बड़े स्तर पर लॉन्च करने के लिए सबसे बड़ी चुनौती मोबाइल ऑपरेटर्स समेत इससे जुड़े महत्वपूर्ण स्टेकहोल्डर्स को साथ लाना, और इसका इंफ्रास्ट्रक्चर बड़ी चुनोती है.

D2M Technology कैसे काम करता है?

FM और D2H की तरह सेटेलाइट से अपने एरिया को कवर करेगी और लोगो के मोबाइल में कंटेंट को सीधे सीधे पहुंचा पायेगी. ISRO इसके उपर पहले से ही कार्यरत है. सेटेलाइट से चाहे वह इलाका कैसा भी हो कवर किया जा सकता है.

भारत में D2M कब शुरू होगा?

D2M Technology को शुरू होने में अभी काफी समय लग सकता है क्योकि यह अभी अपने शुरुआती चरण में ही है.

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उम्मीद है की आप लोग D2M Technology Hindi में समझ गये होंगे. अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसको अपने दोस्तों के साथ share जरूर करे. धन्यवाद..

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